त्योहारी मौसम में अधिकांश मोबाइल सेवा कंपनियों का नेटवर्क ध्वस्त हो गया है। अचानक नेटवर्क कमजोर होने से मोबाइल उपभोक्ता न तो फोन पर बात कर पा रहे हैं और न ही इंटरनेट सेवा का आनंद ले पा रहे हैं। नेटवर्क ध्वस्त होने के मामले में सबसे बुरा हाल इस समय एयरटेल और वोडाफोन का है।
हालांकि, आइडिया सहित जियो का नेटवर्क भी उपभोक्ताओं के लिए परेशानी खड़ी कर रहा है। जियो की इंटरनेट सेवा बेहद धीमी गति से चल रही है। एयरटेल और वोडाफोन का नेटवर्क तो ठप सा हो गया है जिसके कारण उपभोक्ता अपने मित्रों व रिशतेदारों से फोन पर बात तक नहीं कर पा रहे हैं।
आलम यह है कि नेटवर्क ठप होने से एयरटेल और वोडाफोन के नंबर तक नहीं मिल रहे हैं। उधर, आइडिया के अधिकांश उपभोक्ताओं को फोन करने पर नॉट रीचेबल या कवरेज क्षेत्र से बाहर नेटवर्क होने की बात सुनने को मिल रही है। एयरटेल के ज्यादातर उपभोक्ताओं की शिकायत है कि जब भी उन्हें कोई फोन करता है तो या तो फोन नॉट रीचएबल जाता है या बिजी जाता है। इसके अलावा नंबर मिलने पर बात भी ठीक से नहीं हो पाती और बीच-बीच में आवाज कट-कटकर आती है। इंटरनेट सेवा भी कुछ दिन से कछुआ गति से चल रही है जिससे उपभोक्ता इंटरनेट का सही तरीके से प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं।
मंगलवार को उपभोक्ताओं को तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। उपभोक्ताओं की जो आम शिकायत थीं वो यह कि मोबाइल में नेटवर्क तो आ रहा है लेकिन उनका फोन मिल नहीं पा रहा।
उनके दोस्त उन्हें फोन मिलाने की कोशिश करते हैं तो आवाज आती है कि जिस उपभोक्ता को आप फोन कर रहे हैं वो नेटवर्क क्षेत्र से बाहर है। इसी तरह से बाकी उपभोक्ताओं ने भी शिकायत की कि मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी एयरटेल जिसका नेटवर्क एक समय सबसे मजबूत हुआ करता था वो अब बहुत कमजोर हो गया है। वोडाफोन का नेटवर्क भी एयरटेल की तरह कमजोर चल रहा है। एयरटेल के ग्राहक सेवा अधिकारी करण से जब इस मामले में बात की गई तो करण ने बताया कि हां, मंगलवार को दिल्ली में कुछ मोबाइल टॉवरों में दिक्कत आई थी और कुछ समय के लिए टॉवर ठप हो गए थे। टॉवर में तकनीकी खामियों को दूर करने का काम चल रहा है, जल्दी ही सेवाएं बेहतर हो जाएंगी।
वोडाफोन ग्राहक सेवा अधिकारी कुलदीप से जब बात की गई तो कुलदीप ने बताया कि अचानक एक साथ बहुत ज्यादा उपभोक्ताओं द्वारा सर्विस का लाभ लेने और एसएमएस भेजने से कई बार टॉवर में फॉल्ट आ जाता है, जिसे कुछ ही देर में ठीक भी कर लिया जाता है। यह एक सामान्य तकनीकी खराबी है, जिससे उपभोक्ताओं को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
क्यों और कैसे आती है दिक्कत
किसी भी उपभोक्ता के फोन करने पर सबसे पहले उसकी कॉल सेटेलाइट से कनेक्ट होती है। कॉल कनेक्ट होने के बाद जिस कंपनी का मोबाइल नंबर होता है, उस कंपनी के हेडक्वार्टर में लगे प्रमुख टॉवर से नेटवर्क कनेक्ट होता है। इसके बाद जो दो लोग एक दूसरे से बात करना चाहते हैं, उनके क्षेत्र के हिसाब से जो भी मोबाइल टॉवर सबसे नजदीक होता है, उस टॉवर से कॉल कनेक्ट हो जाती है जिसके बाद दो उपभोक्ता आपस में बातचीत कर पाते हैं। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि नेटवर्क में बहुत ज्यादा जाम यानी उपभोक्ताओं की संख्या एक साथ होने से टॉवर ठप हो जाते हैं। इस दौरान जिस क्षेत्र में टॉवर ठप हो जाते हैं, वहां उपभोक्ता मोबाइल सेवा का उपयोग नहीं कर पाते।
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