दिग्गज टेक कंपनियां एपल, गूगल, सैमसंग, हुवाई, माइक्रोसॉफ्ट का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस तकनीक की दुनिया में फ्यूचर में सबसे बड़ी चीज होगी। इन कंपनियों की तरह अब रिलायंस जियो ने भी इस पर काम शुरू कर दिया है।
जी हां, 2018 में जियो अपना खुद का वर्चुअल रियलिटी (VR) ऐप लॉन्च करने की तैयारी में है। कंपनी के दो टॉप एग्ज्युकेटिव ने वर्चुअल रियलिटी को समझने के लिए बर्मिंघम सिटी यूनिवर्सिटी की विजिट की है। इस यूनिवर्सिटी में VR प्रोफेशनल्स को ट्रेनिंग दी जाती है। कंपनी यूनिवर्सिटी एक्सपर्ट्स के साथ पार्टनरशिप करके अगले साल अपना खुद का ऐप लॉन्च करने की तैयारी में है।
स्टूडेंट्स की मदद लेंगे
रिलायंस जियो इस काम में यूनिवर्सिटी के ऐसे स्टूडेंट्स की मदद लेगी, जो पहले से इस टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं। इन स्टूडेंट्स के प्रोजेक्ट को जियो प्लेटफॉर्म प्रोवाइड करेगा। इससे जियो कुछ नया और इनोवेटिव कर सकेगा साथ ही स्टूडेंट्स को एक बड़ा प्लेटफॉर्म मिल जाएगा।
क्या होते हैं वर्चुअल रियलिटी ऐप
वर्चुअल रियलिटी ऐप व्यूअर्स को शानदार एक्सपीरियंस देते हैं। आसान शब्दों में कहें तो वर्चुअल मतलब आर्टिशियल और रियलिटी यानी कुछ ऐसा जो हमें रियल जैसा लगे। इसे हम डिजिटल रियलिटी भी कह सकते हैं। इसे देखने पर व्यूअर्स इनमें डूब जाते हैं। ये 360-डिग्री विजुअल्स देते हैं। इसमें व्यूअर के सामने एक ऐसा माहौल बना दिया जाता है, जो उसे रियलिटी की तरह लगता है।
जियो टीम ने बर्मिंघम सिटी यूनिवर्सिटी विजिट की, देखिए अगली स्लाइड में...
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रिलायंस जियो के क्रिएटिव डायरेक्टर्स आदित्य भट, अंकित शर्मा ने बर्मिंघम सिटी यूनिवर्सिटी में विजिट की। इनके साथ में philmCGI के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर आनंद भंसाली भी थे।
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