अब लोगों को पासपोर्ट बनाने के लिए अधिकारियों की चौखट पर भटकटना नहीं पड़ेगा। अब आवेदकों को तीन में तत्काल पासपोर्ट बनाकर दिया जाएगा। विदेश मंत्रालय ने तत्काल पासपोर्ट आवेदकों को बड़ी राहत देते हुए अब सत्यापन प्रमाणपत्र देने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। अब आधार कार्ड के साथ पहले से तय 12 दस्तावेजों- वोटर, पैन कार्ड, बैंक-पोस्ट ऑफिस पासबुक, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, जन्म प्रमाणपत्र, कर्मचारी पहचान पत्र आदि में से किन्हीं दो दस्तावेजों के अलावा कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं होने के स्वयं घोषित शपथपत्र के साथ आवेदन करने पर तीन दिनों के भीतर ही तत्काल पासपोर्ट जारी हो जाएगा। पासपोर्ट जारी किए जाने के बाद शपथ पत्र को सत्यापन के लिए पुलिस के पास भेजा जाएगा।
विदेश मंत्रालय में सचिव (विदेशी मामले व पासपोर्ट सेवाएं) ज्ञानेश्वर मुले के अनुसार, 'हर नागरिक की प्रथम श्रेणी के अधिकारी तक पहुंच नहीं होती। भारत सरकार अपने लोगों पर पूरा भरोसा करती है। यह विदेश मंत्रालय की लोक-नीति का हिस्सा है। नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। तत्काल पासपोर्ट के लिए आवेदक को सामान्य पासपोर्ट से 2000 रुपए अतिरिक्त भुगतान करना होगा। अभी नागरिकों के लिए सामान्य में 1500 रुपए और तत्काल पासपोर्ट की फीस 3500 रुपए देना होता है। अमूमन पुलिस सत्यापन में देरी के कारण सामान्य पासपोर्ट जारी होने में कम से कम 40 दिन का वक्त लग जाता है। पिछले पखवाड़े विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट नियमों में कई बदलावों का एलान किया था। इन बदलावों के तहत बताया गया कि पासपोर्ट के आखिरी पन्ने पर अब न तो व्यक्तिगत जानकारियां छापी जाएंगी और न ही इसके लिए माता-पिता या पति-पत्नी संबंधी सूचना देना अनिवार्य होगा। नागरिक उड्डयन व विदेश मंत्रालयों की संयुक्त विशेषज्ञ समिति की सिफारिश के आधार पर किए गए परिवर्तनों के मुताबिक, अनिवार्य आव्रजन अनुमति की दरकार रखने वालों को नारंगी रंग के कवर वाले पासपोर्ट जारी किए जाएंगे।
नए संशोधनों के बाद पासपोर्ट का इस्तेमाल पता- प्रमाण के तौर पर करना संभव नहीं होगा। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक तौर पर विदेश मंत्रालय ने कुछ भी नहीं कहा। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नई पासपोर्ट बुकलेट की डिजाइन और मुद्रण तक पहले की तरह अंतिम पृष्ठ पर जानकारियों का प्रकाशन जारी रहेगा। सभी मौजूदा पासपोर्ट अपनी वैधता अवधि तक मान्य होंगे। नए बदलावों के तहत बड़ी राहत एकल माता -पिता को होगी जिन्हें अब पासपोर्ट के लिए बच्चे के पिता या मां का नाम बताने की जरूरत नहीं होगी। इस बाबत कई शिकायतें और बदलाव के ज्ञापन महिला-बाल विकास मंत्रालय और विदेश मंत्रालय को मिले थे। विशेषज्ञ समिति ने इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन और मशीन रीडेबल पासपोर्ट से जुड़े विश्व मानकों का अध्ययन करने के बाद अंतिम पृष्ठ पर माता-पिता, पति और पत्नी व पते संबंधी जानकारियां नहीं छापने की सिफारिश की। पासपोर्ट बनाने के नए नियम लोगों के लिए राहत भरें होंगे।
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