भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने वर्चुअल आईडी (वीआईडी) का तोहफा भारतीय जनता को दिया है। यूआईडीएआई ने आधार कार्ड का वीआईडी बनाने के लिए बीटा संस्करण लांच कर दिया है और वादा किया है कि 1 जून, 2018 से किसी भी तरह की सेवा प्रदाता संस्थाएं आधार नंबर के स्थान पर इस वीआईडी को स्वीकार करना शुरू कर देंगी।
यूआईडीएआई ने ट्विटर पर अपनी पोस्ट में कहा, नई सुविधा आधार धारकों को बिना वेरीफिकेशन या सत्यापन की प्रक्रिया में अपना असली 12 अंकों का आधार नंबर दिए बिना एक वीआईडी नंबर देने की इजाजत देगी।
अगर आपको डर है कि 12 अंकों का आधार नंबर देने से पर्सनल जानकारी लीक हो सकती है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। अब आप घर बैठे मात्र आसान से तीन स्टेप्स को फॉलो करके अपना 16 अंकों वाला वर्चुअल आधार नंबर जेनरेट कर सकेंगे।
क्या होगा फायदा
इस वर्चुअल नंबर को जेनरेट करने के बाद आपको अपना ओरिजनल आधार नंबर किसी भी थर्ड पार्टी को नहीं देना होगा। आप इस वर्चुअल नंबर का इस्तेमाल बैंक अकाउंट खोलने, सरकारी सब्सिडी के लिए, तत्काल पासपोर्ट बनवाने के लिए और नई इन्श्योरेंस पॉलिसी खरीदने के लिए कर सकते हैं।